अम्मा पारा (30वां पारा): 37 सूरतों की लिस्ट, अर्थ और हिफ़्ज़ गाइड
1. रोज़ाना की नमाज़ों में 30वें पारे की अहमियत
30वां पारा छोटी और दिलकश सूरतों की वजह से नमाज़ों में सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला हिस्सा है।
2. तौहीद और क़यामत की याद
इन सूरतों में क़यामत के मंज़र और शैतान के शर से पनाह मांगने की तालीम दी गई है।
All 37 Surahs of Juz Amma (Juz 30)
Browse, search and click any Surah below to read with translation, word meaning, and audio:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
More Quran Guides & Studies
जुमा के दिन सूरह कहफ़ पढ़ने के फ़ज़ाइल, हदीस और बरकतें
जुमा के दिन सूरह कहफ़ की तिलावत के फ़ज़ाइल, दज्जाल के फितने से हिफ़ाज़त और दो जुमों के दरमियान नूर की बरकत Quran Pak पर पढ़ें।
आयतुल कुर्सी (2:255): हिंदी अनुवाद, अर्थ और 7 महान फ़ज़ाइल
सूरह बक़रह की आयत 255 (आयतुल कुर्सी) प्रामाणिक हिंदी अनुवाद, तफ़्सीर और रोज़ाना की हिफ़ाज़त के साथ Quran Pak पर पढ़ें।
सूरह बक़रह की आख़िरी 2 आयतें (आमनर रसूल): फ़ज़ाइल और दुआएं
सूरह बक़रह की आख़िरी दो आयतों (285-286) का हिंदी अनुवाद और रात को पढ़ने की अज़ीम बरकतें जानें Quran Pak पर।
सूरह मुल्क (तबारक): रात की तिलावत और अज़ाबे क़ब्र से निजात
क़ब्र के अज़ाब से बचाने वाली सूरह मुल्क (तबारकल्लज़ी) के फ़ज़ाइल, हदीस और हिंदी अनुवाद पढ़ें Quran Pak पर।
क्या आप क़ुरआन ऑनलाइन पढ़ने के लिए तैयार हैं?
114 सूरतों को प्रामाणिक हिंदी अनुवाद और ऑडियो के साथ पढ़ें।